26.) जिस रस्ते पे तेरे संग मीलो चला वो रास्ता मेरा नहीं था,
मुझे मंजिल की फिकर नहीं.. मैं रास्तों में ही हर ख़ुशी जी लेता हूँ...!!
27.) रहती है तू मेरी हर शायरी में कही तू हीं मेरी कलम तो नहीं....!!
28.) दुनिया बेदिखी सी थी पहले,
जबसे तुझे देखा है हर चीज दिखी दिखी सी लगती है !
29.) मेरे मुरीदों मुझे मत खरीदो,
मैं बिकता नहीं... किसी का हो जाता हूँ !
30.) उनके तलाश में हम आसमानों से उतर आए,
और वो हैं कि जमीं पे हीं आसमान बने बैठे हैं !