Tuesday, 27 November 2012


31.) दिल-ए-संसद में बहस जारी है,
        किसे चुने हर विपक्षी एक दुसरे पे भारी है....!!

32.) उनकी सोंच मे शामिल था मैं,
       सोच गर इजहार बनती तो और बात होती ।

33.) तू हर तरफ है... पर तू दूर है,
        इसमे मेरा क्या कसूर है ।

34.) काश लम्बी कविताओं का दौर आए,
        मैं तुझे लिखता रहूँ और जिंदगी बीत जाए !

35.) आँखों में ही नहीं तेरे दिल में भी जगह पाऊं,
        मै कोई इश्तेहार नहीं जो फक्त पढ़ा जाऊं...!!

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