Tuesday, 27 November 2012


31.) दिल-ए-संसद में बहस जारी है,
        किसे चुने हर विपक्षी एक दुसरे पे भारी है....!!

32.) उनकी सोंच मे शामिल था मैं,
       सोच गर इजहार बनती तो और बात होती ।

33.) तू हर तरफ है... पर तू दूर है,
        इसमे मेरा क्या कसूर है ।

34.) काश लम्बी कविताओं का दौर आए,
        मैं तुझे लिखता रहूँ और जिंदगी बीत जाए !

35.) आँखों में ही नहीं तेरे दिल में भी जगह पाऊं,
        मै कोई इश्तेहार नहीं जो फक्त पढ़ा जाऊं...!!

Tuesday, 18 September 2012


26.) जिस रस्ते पे तेरे संग मीलो चला वो रास्ता मेरा नहीं था,
        मुझे मंजिल की फिकर नहीं.. मैं रास्तों में ही हर ख़ुशी जी लेता हूँ...!!

27.) रहती है तू मेरी हर शायरी में कही तू हीं मेरी कलम तो नहीं....!!

28.) दुनिया बेदिखी सी थी पहले,
        जबसे तुझे देखा है हर चीज दिखी दिखी सी लगती है !

29.) मेरे मुरीदों मुझे मत खरीदो,
        मैं बिकता नहीं... किसी का हो जाता हूँ !

30.) उनके तलाश में हम आसमानों से उतर आए,
        और वो हैं कि जमीं पे हीं आसमान बने बैठे हैं !

Wednesday, 25 July 2012



21.) तेरी याद की क्या कहूँ...
        जूते का फीता भी कसता हूँ तो तुझे वाहों में कसना याद आता है !


22.) बरसातों में सुवह कि शिद्दत देखो,
        सुरज आता भी नहीं और सुवह हो जाती है ।


23.) मैं शायर नहीं
        तू मेरी शायरी नहीं,
        पर तमन्ना बहुत है कुछ तेरे जैसा हीं लिख दूं ।


24.) इश्क जब भी दरबाजा खटखटाता है
       मुआ दिल कितना भी जख्मी है दौड़ा चला जाता है !


25.) कभी वो मेरी कवीता थी और मैं उसका कवि...
       दो साल हुए ब्रेकअप को अब मैं शायर हू और नई शायरी है ढूंढ ली !

Friday, 20 July 2012

16. कभी हम उनकी ओट में कभी वो मेरे कोट में छिपते थे,
      ब्रेकअप से पहले के वो भी क्या दिन थे....
      हम दोनों को हीं एक दूसरे में कोई खोट नहीं दिखते थे !!


17.) मेरे आँखों के रिमोट में कोई खोट नहीं,
        ये तो मेरा दिल है जो हर दम बस आपका चैनल चलाता हैं !


18.) जो यादें जीं थी हमने, जो बातें की थी हमने.. कभी नहीं भुलूंगा,
       तेरे कॉल के इंतेजार में कितना भी रोमिंग कटे.. सिम कार्ड नहीं बदलूंगा !


19.) उनके छोटे छोटे कपड़ों कि क्या कहें,
        नाक भी पोंछते हैं तो एक सुराख बचा रह जाता है !


20.) रोज सोचता हूँ कि आज से देश को बदलूंगा,
       पर सिर्फ फेसबुक स्टेटस बदल के खुश हो जाता हूँ !

Sunday, 15 July 2012

11.) खुशियों में रोता हूँ, गमों में हसता हूँ
       जिंदगी अपनी बला से.. मैं तो जिंदगी पे भी फब्बतियाँ कसता हू।

12.) कभी कभी यूँ लगता है मेरा दिल कोई सड़क तो नहीं,
       लोग इसमें आते जाते रहते हैं।

13.) तेरे असर का कसर अभी बाकी है,
       दिल में तेरे मेरा गुजर बसर अभी बाकी है।

14.) कहते है इश्क हवाओं में होता है
       और आजकल हवाएं गर्म हैं,
       इसीलिए शायद लोग इश्क में जल रहे हैं।

15.) बिस्तरों पे चैन की करवट हो तुम,
       गर्मिओं में बरसाती सोहबत हो तुम,
       गीली मीठी खुशबूओं भरी रंगीन शरबत हो तुम ।

Tuesday, 10 July 2012



6.) गलियाँ इश्क की गीली हो गयी,
     चल आजा मिल के फिसलते हैं !


7.) अब क्या चाँद तोड़ के लाये,
     हम बड़े कामचोर हैं....इश्क भी करते हैं तो आराम से !


8.) उसके चाय पुछने का अंदाज इतना मिठा था,
      कि चाय हीं फीकी लगने लगी !


9.) यूँ ना जाओ तोहमत लगा के,
     कुछ तो कहो सोहवत में आ के !


10.) जब महफ़िलों में खामोशियों की सर्दी बढती है,
       तब मेरी शायरी की मफलर कानो पर पड़ती है !


Friday, 6 July 2012


1.) तेरी यादों से जो मेरी आँखों की बूंदें लावारिश हुई है
   उन्ही बूंदों से आज तेरे शहर में थोड़ी बारिश हुई है !

2.)  इश्क कि राहों पे कुछ दूर चले तो कुछ और दूर चलने कि तलब लगी, 
   मुआ ये मोहव्वत, चाय होता तो पी के तलब मिटा लेता !

3.) काश बारिशों संग मोहब्बत भी बरसती, 
  दुनिया में मैं अकेला आशिक तो ना होता !

4.) मैदान-ए-इश्क में खड़े है हम भी तुम भी,
     देखना ये है कौन क़त्ल होता है किससे !

5.) दिल्लगी के दायरे से बाहर निकल दीपांशु... 
   इश्क कि मंजिल मगरूर है पर दूर नहीं !!