11.) खुशियों में रोता हूँ, गमों में हसता हूँ
जिंदगी अपनी बला से.. मैं तो जिंदगी पे भी फब्बतियाँ कसता हू।
12.) कभी कभी यूँ लगता है मेरा दिल कोई सड़क तो नहीं,
लोग इसमें आते जाते रहते हैं।
13.) तेरे असर का कसर अभी बाकी है,
दिल में तेरे मेरा गुजर बसर अभी बाकी है।
14.) कहते है इश्क हवाओं में होता है
और आजकल हवाएं गर्म हैं,
इसीलिए शायद लोग इश्क में जल रहे हैं।
15.) बिस्तरों पे चैन की करवट हो तुम,
गर्मिओं में बरसाती सोहबत हो तुम,
गीली मीठी खुशबूओं भरी रंगीन शरबत हो तुम ।
जिंदगी अपनी बला से.. मैं तो जिंदगी पे भी फब्बतियाँ कसता हू।
12.) कभी कभी यूँ लगता है मेरा दिल कोई सड़क तो नहीं,
लोग इसमें आते जाते रहते हैं।
13.) तेरे असर का कसर अभी बाकी है,
दिल में तेरे मेरा गुजर बसर अभी बाकी है।
14.) कहते है इश्क हवाओं में होता है
और आजकल हवाएं गर्म हैं,
इसीलिए शायद लोग इश्क में जल रहे हैं।
15.) बिस्तरों पे चैन की करवट हो तुम,
गर्मिओं में बरसाती सोहबत हो तुम,
गीली मीठी खुशबूओं भरी रंगीन शरबत हो तुम ।
चोट खाकर भी फिर वही सब?
ReplyDeleteबहुत खूब ...
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